Not known Details About ✔️ Raat 11:45 se 2:30

* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।

त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।

* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।

यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!

व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।

गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें। 

घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।

गुप्त नवरात्रि के अनुष्ठान व्यक्ति के जीवन से संकट, आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होते हैं।

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साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।

देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।

कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।

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ना करे रक्षा तो महाबली भैरव की दुहाई।।

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